आज की ताजा खबर
विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना उनके उज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-विनय जायसवाल
भीलमपुर में दबंगों के कब्जे से कब आजाद होगा खेल का मैदान?,रास्ते पर भी जमाया कब्जा, मौन खड़ा प्रशासन।
सपा के वरिष्ठ नेता जनसेवक पवन दूबे द्वारा श्रावण मास के अंतिम सोमवार को किया गया महा भंडारे का आयोजन
जिलाधिकारी द्वारा श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई
उमेश की मौत पर भड़का आक्रोश, शव रखकर निगोही रोड पर लगाया जाम, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से की अभद्रता
डॉ. राजीव कुमार पाठक फर्रुखाबाद ताइक्वांडो एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोनीत, खिलाड़ियों में खुशी की लहर
नेबुआ नौरंगिया थाने की सख्त कार्रवाई में पुलिस टीम से बदसलूकी व वर्दी फाड़ने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय की जयंती पर देशभक्ति से गूंजा रामराज इंटर कॉलेज
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
घुमंतू परिवारों के कच्चे आशियानों पर संकट, सरकारी घोषणाओं के बावजूद आवास का इंतजार
- दैनिक लोक भारती
- 06 Sep, 2026
मदारी पुरवा और पूरा बुजुर्ग में जलभराव से जर्जर हुए मकान, हादसे की आशंका; स्थायी आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग
आशीष द्विवेदी
बिल्हौर। सरकार की ओर से घुमंतू समाज के परिवारों को स्थायी आवास और जरूरी पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराने की घोषणाओं के बीच बिल्हौर तहसील के मदारी पुरवा और पूरा बुजुर्ग गांवों में रहने वाले घुमंतू परिवार बदहाल हालात में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
गांवों में लगातार जलभराव के कारण कई कच्चे मकान जर्जर हो गए हैं और इनके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है।लगातार पानी भरे रहने से मिट्टी और कच्ची दीवारों वाले मकानों की हालत खराब होती जा रही है। जर्जर मकानों में रह रहे परिवारों को हर समय हादसे का डर सता रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलभराव के बीच बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।खास बात यह है कि प्रदेश सरकार ने घुमंतू समाज के परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने और उनकी पहचान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की बात कही है। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में भी कई वंचित एवं घुमंतू समुदायों समेत छतविहीन और कच्चे-जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र होने के बाद भी उन्हें सरकारी आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार सबसे कमजोर वर्गों को पक्की छत देने की घोषणा कर रही है, तो गांव में जर्जर कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ क्यों नहीं पहुंच रहा।
जलभराव के चलते किसी भी समय मकान गिरने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने के साथ ही जर्जर मकानों का सर्वे कराकर पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
मामले में उप जिलाधिकारी बिल्हौर मनीष कुमार ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद पीड़ित परिवारों की स्थिति के अनुसार उचित मदद उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों का कहना है कि केवल घोषणा से घुमंतू परिवारों की समस्या दूर नहीं होगी, बल्कि उन्हें स्थायी आवास, पहचान दस्तावेज और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ जमीन पर उपलब्ध कराना होगा।
पेपर व डिजिटल मे विज्ञापन हेतु संपर्क करे
संपर्क सूत्र - +91 77549 54126
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







